प्रेषक प्रकाश,

हैल्लो दोस्तों, में मेरा नाम प्रकाश है और ये बात आज से 1 साल पहले की है। मेरे सामने वाले घर में एक खूबसूरत आंटी रहती थी, वो 37 साल की थी और उसकी हाईट 5 फुट 4 इंच, लंबी और थोड़ी मोटी थी, उसकी चूचीयाँ बहुत ही मस्त थी। उसकी साईज़ करीब 34 जितनी थी, उसका फिगर साईज 34-30-36 था, वो बहुत ही सेक्सी दिखती थी। उसका नाम लीलावती था, उसका पति 43 साल का था, उनके दो बच्चे भी थे।

फिर एक दिन सुबह जब में नहाने के बाद अपने रूम में आया और कपड़े बदलने लगा तो मैंने अपना टावल निकाल दिया और चड्डी पहनने लगा, तो अचानक से मेरी नज़र खिड़की पर पड़ी, तो मैंने देखा कि सामने वाली आंटी अपने बरामदे में खड़ी हुई थी और झाड़ू लगा रही थी। फिर उसकी और मेरी नज़र एक हुई, तो उसने मुझे अंडरवेयर पहनते हुए देखा, तो में एकदम से शरमा गया और वहाँ से दूर हो गया।

फिर मैंने फटाफट से अपने कपड़े पहने और बाहर चला गया। फिर जब में वापस घर आया तो वो आंटी मेरे घर के पास खड़ी थी। फिर उसने मुझसे पूछा कि प्रकाश जी कब आए? आप घर में अकेले बोर नहीं होते हो क्या? ऐसा कहकर वो हंसने लगी। में फिर से शरमा गया और कुछ नहीं बोला।

फिर दूसरे दिन सुबह में नहाकर बाहर निकला और अपने रूम में कपड़े पहनने गया, तो आज मैंने पहले खिड़की की तरफ देखा, तो मुझे आंटी नज़र नहीं आई इसलिए में आराम से अपना टावल निकालकर आराम से अपने कपड़े बदलता रहा।

फिर अचानक से सामने वाली खिड़की में से आवाज़ आई, तो मेरी नजर उस पर पड़ी, तो मैंने देखा कि वो आंटी वहाँ खड़ी-खड़ी मुझे कपड़े बदलते हुए देख रही थी, लेकिन अबकी बार में नहीं शरमाया, लेकिन मुझे भी मज़ा आया। फिर दूसरे दिन जब में नहाकर बाहर निकला तो मैंने जानबूझ कर खिड़की खुली कर दी और सामने देखा तो वो आंटी बरामदे में नीचे झुककर झाडू लगा रही थी।

अब मुझे उसके बूब्स की दरार बहुत साफ-साफ दिख रही थी। फिर उसने ऊपर देखा तो हमारी नज़र एक हुई, तो वो मेरे सामने हंस पड़ी, तो मेरी भी हिम्मत खुल गयी तो मैंने भी स्माइल दी। फिर वो वहाँ खड़ी-खड़ी झाड़ू लगाती रही और मुझे देखती रही।

फिर मैंने भी हिम्मत करके मेरा टावल निकाल दिया और मेरा लंड उसके सामने दिखा दिया। वो ये देखकर एकदम घबरा गयी और अंदर भाग गयी, तो में मन ही मन बहुत खुश हुआ। अब मुझे भी ये सब करना अच्छा लगने लगा था। फिर में अपने रूम में गया और बैठकर अपनी किताब पढ़ने लगा, तो एकदम से मेरी नज़र सामने वाले मकान के कम्पाउंड में पड़ी तो मैंने देखा कि वो आंटी बाथरूम में कपड़े धो रही थी और उन्होंने अपनी साड़ी को घुटने तक ऊपर चढ़ा रखी थी, उसके पैर बहुत ही सुंदर और सेक्सी दिख रहे थे।

फिर में अपनी पढ़ाई छोड़कर उसको देखने लगा। अब वो आंटी कपड़े धोते-धोते पूरी भीग गयी थी और उसका हाथ जब ऊँचा नीचा होता था तो उसकी चूचीयाँ मोहक अदा में हिल रही थी, जिसे देखकर मेरा लंड खड़ा हो गया था। फिर आंटी कपड़े धोने के बाद अपने बाथरूम का दरवाजा खुला रखकर नहाने लगी और बाद में उसने अपनी साड़ी निकाल दी और अपना पेटीकोट और ब्लाउज पहनकर नहाने लगी और नहाते नहाते उसने अपना पेटीकोट अपनी जाँघ तक ऊपर कर दिया।

अब मेरी तो आँखें फटी की फटी रह गयी थी। में ज़िंदगी में पहली बार ये जलवा देख रहा था। अब मेरा लंड मेरे काबू में नहीं रह रहा था और अब में आंटी को पूरी तरह से नंगा देखना चाहता था और ये आशा भी मेरी जल्दी ही पूरी होने वाली थी। फिर आंटी ने धीरे से अपना ब्लाउज भी निकाल दिया और उसे भी धोने लगी, तो तब मैंने उसके बड़े-बड़े बूब्स को देखा, तो मेरी आँखे बड़ी हो गयी और मेरे मुँह से पानी टपकने लगा। अब आंटी बहुत ही सेक्सी दिख रही थी।

फिर उसने अपने शरीर पर साबुन लगाना शुरू किया। अब मर जाने की बारी मेरी थी, अब उसके बूब्स देखकर तो मेरा जी मेरे गले में अटक गया, आहह, आहह क्या नज़ारा था? मैंने आज तक मेरी ज़िंदगी में इससे अच्छा नज़ारा कभी नहीं देखा था। अब मेरा लंड मेरे काबू में नहीं था और अब वो मेरी पेंट की चैन तोड़कर बाहर आने के लिए उछल रहा था, तो मैंने भी जल्दी ही मेरे लंड की इच्छा पूरी की और मेरे लंड को पेंट की चैन खोलकर बाहर खुली हवा में छोड़ दिया और आंटी को देखकर मुठ मारना चालू कर दिया। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

अब आंटी नहा चुकी थी तो वो खड़ी हो गयी और अपना शरीर टावल से पोछने लगी। फिर अंत में उसने अपना पेटीकोट भी उतार दिया और तुरंत टावल लपेट दिया, लेकिन में उसके बीच में आंटी की चूत की एक झलक पा चुका था और अब मेरी मुठ मारने की स्पीड तेज हो गयी थी और अंत में मैंने अपना पूरा माल बाहर निकाल दिया।

अब मेरे दिमाग में आंटी को चोदने के ही विचार आने लगे थे और अब में किसी भी तरीके से आंटी को चोदने की तैयारी करने लगा था। फिर अगले हफ्ते मैंने अपनी पूरी खिड़की खोल दी और आंटी को बरामदे में आने की राह देखने लगा।

कहानी

फिर जब आंटी बरामदे में झाड़ू लगाने के लिए आई तो मैंने उसे स्माइल दी और धीरे से मेरा टावल निकाल दिया और मेरे लंड को हवा में खुला छोड़ दिया। मेरा लम्बे और मोटे लंड को हवा में लहराते हुए देखकर आंटी के तो होश ही उड़ गये और वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी।

फिर में आंटी के सामने अपने लंड को पकड़कर हिलाने लगा, तो आंटी शर्मा गयी और झट से अपने रूम में चली गयी और खिड़की में से मेरा नज़ारा देखने लगी। फिर मैंने अपने लंड के सुपाड़े को नंगा करके मेरे लंड की पूरी लंबाई आंटी को बताई। अब वो बिना पलक झपकाए मेरे लंबे और तगड़े लंड को आराम से देख रही थी। फिर मैंने आंटी को फ्लाइयिंग किस किया, तो वो कुछ नहीं बोली।

फिर मैंने आंटी को अपने बूब्स दिखाने के लिए कहा। फिर वो मना कर रही थी, लेकिन मैंने बार-बार उसे इशारा किया, तो आख़िर में उसने अपने ब्लाउज के बटन खोलकर अपने बड़े-बड़े बूब्स बाहर निकाले और मेरे सामने दिखाने लगी। मेरा तो खून बहुत तेज़ी से दौड़ने लगा। फिर मैंने उसे अपना पेटीकोट उठाने के लिए कहा, तो पहले तो वो ना ना कर रही थी, लेकिन आख़िरकार मेरी ज़िद के सामने उसने हार मान ली और अपना पेटीकोट ऊपर उठा लिया।

अब मेरे तो भाग्य ही खुल गये थे। अब मेरे सामने एक मदमस्त चूत मेरे लंड का इंतजार कर रही थी और उस वक्त उसके घर में कोई नहीं था, वो सिर्फ़ अकेली ही थी, तो मैंने आंटी को अपने घर में आने के लिए इशारा किया, तो आंटी ने मना कर दिया। फिर मैंने बताया कि मेरे घर में मेरे सिवा और कोई नहीं है, तो तब वो बोली कि में थोड़ी देर में आती हूँ।

अब मेरा लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था और बैठे भी क्यों? अब तो उसे चोदने के लिए मदमस्त चूत मिलने वाली थी। फिर थोड़ी देर के बाद डोर बेल बजी तो मैंने तुरंत दरवाजा खोला, तो सामने आंटी खड़ी थी। अब वो बड़ी ही मोहक स्माइल कर रही थी और बड़ी सेक्सी अदा में खड़ी थी। वो सुंदर नीले रंग की साड़ी पहनकर आई थी और उन्होंने हल्का सा मेकअप भी किया हुआ था।

फिर मैंने उसे तुरंत अंदर बुला लिया और दरवाजा बंद कर दिया। फिर वो बोली कि प्रकाश क्या काम है? मुझे यहाँ क्यों बुलाया है? अब वो जानबूझ कर भोली बन रही थी तो मैंने भी उसे इसी अदा में जवाब दिया कि आंटी आपके आम का रस चूसने का बहुत मन हो रहा था, इसलिए आपको यहाँ बुलाया है।

दोस्तों ये सुनकर वो मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागी और में अंदर बेडरूम की तरफ भाग गया। फिर वो मेरे पीछे आ गयी और मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोली कि क्या बोला मेरे आम का रस चूसना है? तो चल जल्दी फटाफट से चूसना शुरू कर। फिर ये सुनकर मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके रसीले होंठो को चूसना शुरू कर दिया।

अब वो भी पीछे हटाने वाली नहीं थी तो वो भी मेरे होंठो को जोर से चूसने लगी और मेरे मुँह के अंदर अपनी जीभ डालने लगी। अब इससे मेरे अंदर सेक्स का लवरस बहने लगा था। फिर मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और उसके मदमस्त बूब्स को सहलाने लगा और फिर मैंने आंटी को धीरे से बेड पर सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया।

फिर में उसके होंठो को चूसता रहा और ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स को दबाने भी लगा था। अब वो भी ज़बरदस्त जोश में आ गयी थी और मेरा पूरा-पूरा सहयोग देने लगी थी।

फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी निकाल दी और फिर उसका ब्लाउज भी उतार दिया, उसने लाल कलर की ब्रा पहनी थी। अब उसमें से उनके सफ़ेद बूब्स उछल-उछलकर बाहर आने के लिए मचल रहे थे। फिर मैंने भी अपनी शर्ट और पेंट उतार फेंकी, तो उन्होंने अपना पेटीकोट खुद ही निकाल दिया और मुझे अपने ऊपर खींच लिया। अब में पागलों की तरह उसे चूमने लगा था और अब वो भी मुझसे एकदम चिपक गयी थी। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

फिर मैंने उसके होंठो को छोड़कर धीरे से उसके कंधे पर से उसकी पीठ पर किस करने लगा और पीछे से उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। फिर उसकी ब्रा झट से उछलकर निकल गयी और उसके मदमस्त बूब्स हवा में लहराने लगे। फिर मैंने एक पल भी गंवाये बिना तुरंत अपने मुँह में उसके बूब्स को लेकर आम की तरह चूसने लगा। अब वो अपने मुँह से बुरी तरह सिसकारियाँ भर रही थी और अब वो बहुत ही गर्म थी। अब में बारी-बारी से उसकी दोनों चूचीयों को लगातार चूसने लगा था।

अब वो भी आहह राजा ज़ोर-ज़ोर से चूसो, ये आम तुम्हारे लिए ही है, इस आम को आज तक किसी ने भी तुम्हारी तरह नहीं चूसा है, आज मुझे जन्नत का सुख मिल रहा है, आहह आहह और ज़ोर-ज़ोर से चूसो। फिर मैंने भी कहा कि अरे मेरी प्यारी आंटी अभी जन्नत का सुख तो बाकी है, ये तो सिर्फ़ शुरुआत है अभी देखती जाओ आगे-आगे क्या होता है?

फिर मैंने ज़ोर से उसकी पेंटी को फाड़कर निकाल दिया और उसकी चूत को अच्छी तरह से सहलाने लगा। अब तो वो और ज़ोर से मचल पड़ी, आहह आआआहहा क्या मज़ा आ रहा है? अरे राजा और जन्नत का सुख दो, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और ये बोलते-बोलते उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया और अपने हाथ में लेकर मसलने लगी।

फिर जब आंटी बरामदे में झाड़ू लगाने के लिए आई तो मैंने उसे स्माइल दी और धीरे से मेरा टावल निकाल दिया और मेरे लंड को हवा में खुला छोड़ दिया। मेरा लम्बे और मोटे लंड को हवा में लहराते हुए देखकर आंटी के तो होश ही उड़ गये और वो मेरे लंड को देखती ही रह गयी।

फिर में आंटी के सामने अपने लंड को पकड़कर हिलाने लगा, तो आंटी शर्मा गयी और झट से अपने रूम में चली गयी और खिड़की में से मेरा नज़ारा देखने लगी। फिर मैंने अपने लंड के सुपाड़े को नंगा करके मेरे लंड की पूरी लंबाई आंटी को बताई। अब वो बिना पलक झपकाए मेरे लंबे और तगड़े लंड को आराम से देख रही थी। फिर मैंने आंटी को फ्लाइयिंग किस किया, तो वो कुछ नहीं बोली।

फिर मैंने आंटी को अपने बूब्स दिखाने के लिए कहा। फिर वो मना कर रही थी, लेकिन मैंने बार-बार उसे इशारा किया, तो आख़िर में उसने अपने ब्लाउज के बटन खोलकर अपने बड़े-बड़े बूब्स बाहर निकाले और मेरे सामने दिखाने लगी। मेरा तो खून बहुत तेज़ी से दौड़ने लगा। फिर मैंने उसे अपना पेटीकोट उठाने के लिए कहा, तो पहले तो वो ना ना कर रही थी, लेकिन आख़िरकार मेरी ज़िद के सामने उसने हार मान ली और अपना पेटीकोट ऊपर उठा लिया।

अब मेरे तो भाग्य ही खुल गये थे। अब मेरे सामने एक मदमस्त चूत मेरे लंड का इंतजार कर रही थी और उस वक्त उसके घर में कोई नहीं था, वो सिर्फ़ अकेली ही थी, तो मैंने आंटी को अपने घर में आने के लिए इशारा किया, तो आंटी ने मना कर दिया। फिर मैंने बताया कि मेरे घर में मेरे सिवा और कोई नहीं है, तो तब वो बोली कि में थोड़ी देर में आती हूँ।

अब मेरा लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था और बैठे भी क्यों? अब तो उसे चोदने के लिए मदमस्त चूत मिलने वाली थी। फिर थोड़ी देर के बाद डोर बेल बजी तो मैंने तुरंत दरवाजा खोला, तो सामने आंटी खड़ी थी। अब वो बड़ी ही मोहक स्माइल कर रही थी और बड़ी सेक्सी अदा में खड़ी थी। वो सुंदर नीले रंग की साड़ी पहनकर आई थी और उन्होंने हल्का सा मेकअप भी किया हुआ था।

फिर मैंने उसे तुरंत अंदर बुला लिया और दरवाजा बंद कर दिया। फिर वो बोली कि प्रकाश क्या काम है? मुझे यहाँ क्यों बुलाया है? अब वो जानबूझ कर भोली बन रही थी तो मैंने भी उसे इसी अदा में जवाब दिया कि आंटी आपके आम का रस चूसने का बहुत मन हो रहा था, इसलिए आपको यहाँ बुलाया है।

दोस्तों ये सुनकर वो मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागी और में अंदर बेडरूम की तरफ भाग गया। फिर वो मेरे पीछे आ गयी और मुझे पीछे से पकड़ लिया और बोली कि क्या बोला मेरे आम का रस चूसना है? तो चल जल्दी फटाफट से चूसना शुरू कर। फिर ये सुनकर मैंने उसे कसकर पकड़ लिया और उसके रसीले होंठो को चूसना शुरू कर दिया।

अब वो भी पीछे हटाने वाली नहीं थी तो वो भी मेरे होंठो को जोर से चूसने लगी और मेरे मुँह के अंदर अपनी जीभ डालने लगी। अब इससे मेरे अंदर सेक्स का लवरस बहने लगा था। फिर मैंने भी उसे कसकर पकड़ लिया और उसके मदमस्त बूब्स को सहलाने लगा और फिर मैंने आंटी को धीरे से बेड पर सीधा लेटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया।

फिर में उसके होंठो को चूसता रहा और ज़ोर-ज़ोर से उसके बूब्स को दबाने भी लगा था। अब वो भी ज़बरदस्त जोश में आ गयी थी और मेरा पूरा-पूरा सहयोग देने लगी थी।

फिर मैंने धीरे से उसकी साड़ी निकाल दी और फिर उसका ब्लाउज भी उतार दिया, उसने लाल कलर की ब्रा पहनी थी। अब उसमें से उनके सफ़ेद बूब्स उछल-उछलकर बाहर आने के लिए मचल रहे थे। फिर मैंने भी अपनी शर्ट और पेंट उतार फेंकी, तो उन्होंने अपना पेटीकोट खुद ही निकाल दिया और मुझे अपने ऊपर खींच लिया। अब में पागलों की तरह उसे चूमने लगा था और अब वो भी मुझसे एकदम चिपक गयी थी। दोस्तों आप ये कहानी मस्ताराम डॉट नेट पर पढ़ रहे है ।

फिर मैंने उसके होंठो को छोड़कर धीरे से उसके कंधे पर से उसकी पीठ पर किस करने लगा और पीछे से उसकी ब्रा का हुक खोल दिया। फिर उसकी ब्रा झट से उछलकर निकल गयी और उसके मदमस्त बूब्स हवा में लहराने लगे। फिर मैंने एक पल भी गंवाये बिना तुरंत अपने मुँह में उसके बूब्स को लेकर आम की तरह चूसने लगा। अब वो अपने मुँह से बुरी तरह सिसकारियाँ भर रही थी और अब वो बहुत ही गर्म थी। अब में बारी-बारी से उसकी दोनों चूचीयों को लगातार चूसने लगा था।

अब वो भी आहह राजा ज़ोर-ज़ोर से चूसो, ये आम तुम्हारे लिए ही है, इस आम को आज तक किसी ने भी तुम्हारी तरह नहीं चूसा है, आज मुझे जन्नत का सुख मिल रहा है, आहह आहह और ज़ोर-ज़ोर से चूसो। फिर मैंने भी कहा कि अरे मेरी प्यारी आंटी अभी जन्नत का सुख तो बाकी है, ये तो सिर्फ़ शुरुआत है अभी देखती जाओ आगे-आगे क्या होता है?

फिर मैंने ज़ोर से उसकी पेंटी को फाड़कर निकाल दिया और उसकी चूत को अच्छी तरह से सहलाने लगा। अब तो वो और ज़ोर से मचल पड़ी, आहह आआआहहा क्या मज़ा आ रहा है? अरे राजा और जन्नत का सुख दो, मुझे बहुत अच्छा लग रहा है और ये बोलते-बोलते उसने मेरा लंड बाहर निकाल दिया और अपने हाथ में लेकर मसलने लगी।

loading...

Write A Comment


Online porn video at mobile phone


xxx viedo hindi nx.comburxxx chudai istoriचुत की चोदाई की कहानीbhikaran ki gand cudai hindi sex khaniyayum story baheno ko randi bana ka choda sex storyx kahani hndi bhai jancudaistoryxxxchut cutte ne mari hindi khanisexchutkikahanibhabhi sex hindi storypagli chudastorissaxy babe ke lipestik peekar chodasexi kahani resTebhabhi ki kunwari choot ka udghatan kiya hot hindi storyमराठी सेक्सी story nigro ने बायकोला ठोकलेgoree fit padosan ko patayaANTARWASHNA MAUSHIxxx.Mrtae Sex Store.comsasur na bhahu ka satt kiya rap xxx videoMaa bhabhi maushi की रीयल me sex adio story in hindi.insax.bivi.gaand.nigroxxx hot sexy didi hindi storiyahot sex kahani hindipupa pupe ke chudae sex storyladka.mut.marta.sadi.pe..xxx.videosex ki bhunkh uttejit karne bali gandi kahani xxx. comhindesixe.comपरों वीडियो साडी के ऊपर से gir मेराhindi sex stories/chudayiki sex kahaniya. kamukta com. antarvasna com/tag/page 69-120-185-258-32036" 34" 3"sexy figer chudaiauntykiantarvasanacache:c3PXuuDT9aoJ:http://meglass.ru/tag/antarvasna-images/page/11/+sachi ghatna raat ki chudai sasur thata bahu keMY BHABHI .COM hidi sexkhaneचुदाई पापा सेबेटी।ने।नीनद।मे।बाप।से।चोदवाई।बीडीयो।xxxbahan aur ma ki chut me ek sath lund pel diya.comAntervasna sitorichodna tha kisi ko chud gaye koi raat ke andhere me hindi sexy kahaniya.comsex kehani hindikhet mein kam krny wali auroton ko choda urdu porn storiesbur me land kya falai jath hinmom.gangbanghindi.kahaniछोटी सी भोसी मे लम्बा लन्ड़ xxx videobarsat mai bhai ko fsaya sex storysub ke sub chudkad pariwar ke sexy logo ki sexy kahaniमदारचोदhttp://meglass.ru/category/%E0%A4%9A%E0%A5%81%E0%A4%A6%E0%A4%BE%E0%A4%88-%E0%A4%95%E0%A5%80-%E0%A4%95%E0%A4%B9%E0%A4%BE%E0%A4%A8%E0%A4%BF%E0%A4%AF%E0%A4%BE%E0%A4%81/page/7/maa ko karwachooth me choda Hindi sex story daijest antrwasnachut sexy kahaniभाभी की च**** कुत्ते से चिपक चिपक पहलेबहन को sxs के लीये राजी करेmasti.bhari.xxx.video.jo.kabhi.chudi.na.hoherohan ka saxse beutifull xxx chude videosलडँ चुसराजा ने दाशी को चोदा dud pikr xxx hindi kahaniAntarvasna latest hindi stories in 2018photoke sath chudai kahani antarvasna chudai kahanixxx sageta ke henade kahanedidi aur usaka boyfriend hindi sexy kahaniauto wale budde ankel ne mujhe pata ker meri sil todimaosikichudai hindistorywapmere raja jaise land saawla videosex.kahaniबहन की बेदर्दी से चुदाई की कहानियाcachere.sasur.dwara.bahu.ko.chodne.ki.se xy.khaniyaचुदाई की कहानियाँ सुहागरात कीantrvasna story hindhiSxekahani anti ke chut gand kiristo me chudai kahani hindi meक्सक्सक्स हिंदू खाने माँ सेस्टर सस्य कॉमxxx.com kiran vdwaaurat ki chudai ki kahani aur Usi Ki Jawani aurat ki chudai ki kahani Usi Ki Jawanichudaru ladhki ki kahaniBF sexy nokar ka aur Gunda ka aur Chor kaहिनदी मे काहनिया बाप बैटी सैकशीPORN.SOHAG.RA.HINDI.SAX.KAHANIबड़ी बहन को नींद में चोदाgroup xxx hinde khineलैंड लिया गण्ड मhindi sex stories/chudayiki sex kahaniya. kamukta com. antarvasna com/tag/page 69-120-185-258-320bhabi ke jagah bahan ne cudaiजानबर ने केसे गांड मारी.comankal kai ghar me bhabe ke chudae ke online story in hindi readaksara anti patli gand ki xxxसलवार पहनी लडकी xजीजा साली पहली चुदाई चने के खेतAntervansa sirf tumhe he dugi